श्री कृष्ण जन्मआष्ट्मी स्पेशल

कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी आने वाली है। हर बार की तरह इस बार भी लोगों ने घर पर बाल गोपाल के जन्‍म की तैयारियां कर ली हैं। मगर, इस अवसर पर कई लोग घर की जगह भगवान कृष्‍ण की जन्‍मभूमि व्रंदावन जाते हैं। जाहिर है, वृंदावन में इस अवसर पर महौल बेहद खूबसूरत होता है। मगर इसके साथ ही भीड़-भाड़ के चलते इस अवसर पर वृंदावन जाने पर बहुत सतर्क रहने की जरूरत होती है। अगर आप इस जन्‍माष्‍टमी वृंदावन जाने का प्‍लान बना रही हैं तो यह टिप्‍स जरूर पढ़ लें।

दर्शन का समय

जन्‍माष्‍टमी पर वृंदावन में भक्‍तों की गजब भीड़ होती है। इस अवसर पर अगर आप वृंदावन जाने का प्‍लान बना रही हैं तो भगवान के दर्शन का ध्‍यान रखें। मंदिर के पट खुलने से पहले ही मंदिर पहुंच जाएं याद रखें कि सुबह की आरती के बाद मंदिर दोपहर में कुछ घंटों के लिए बंद होता है और फिर शाम को ही खुलता है।

कैसे कपड़े पहने

वृंदावन में में भीड़ हमेशा ही रहती है मगर कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी के दिन यहां भक्‍तों का मेला सा लग जाता है। ऐसे में भीड़ से गुजर कर ही भगवान के मंदिर तक पहुंचना होता है। इस स्थिति में आपको कपड़ों का चुनाव बहुत ही संभल कर करना चाहिए। खासतौर पर कपड़ों को अच्‍छे से व्‍यवस्थित करके ही भीड़ में शामिल होना चाहिए। क्‍योंकि अगर आप ऐसा नहीं करेंगी तो भीड़ में आपके कपड़े खिच सकते हैं और साथ ही आपको चोट भी लग सकती है।

भीड़ से कैसे बचें

जन्‍माष्‍टमी के त्‍योहार पर वृंदावन में भीड़ न हो ऐसा तो नहीं हो सकता मगर भीड़ से आप थोड़ा बच सकती हैं अगर आप मंदिर के गेट नंबर 1 जाने वाले रास्‍ते की जगह गेट नंबर 4 वाल रास्‍ते से एंट्री करें। दरअसल, गेट नंबर 1 की ओर जाने वाले रास्‍ते से दर्शन करने जाने वाले भक्‍तों और दर्शन करके आने वाले भक्‍तों दोनों की भीड़ रहती है जबकि गेट नंबर 4 वाले रास्‍ते पर यह भीड़ नहीं मिलती। तो अगर आप भीड़ से बचना चाहती हैं तो गेट नंबर 4 से ही मंदिर में प्रवेश करें।

पंडों से रहें दूर

वृंदावन में पंडों की भरमार है। थोड़े से पैसों के लालच में वह आप से मंदिर में वीआईपी दर्शन करवाने का झूठा वादा तो कर देते हैं मगर ऐसा कुछ करवाते नहीं हैं। अगर आपको मंदिर का रास्‍ता भी जानना हो तो आप वृंदावन के लोकल दुकानदार से इस बारे में पूछे।

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